मधुबनी, अगस्त 4 -- Madhubani News: रहिका। दलहन फसलों की खेती मूल्य संवर्धन एवं विपणन को लेकर जिला संयुक्त कृषि भवन सभागार महिनाथपुर रामपट्टी में आत्मा की ओर से डीएओ सह परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आत्मा के परियोजना निदेशक सह डीएओ सुदामा ठाकुर ने कहा कि दलहनी फसलों की खेती करने से प्राकृतिक रूप से नेत्रजन उर्वरक मिट्टी में जमा हो जाती है। दलहन फसलों की जड़ में हवा से नाइट्रोजन फिक्सिंग करने वाले जीवाणु मौजूद रहते हैं। जिससे खेतों में यूरिया उर्वरक की जरूरत पूरा हो जाता है। किसानों की खेती की लागत व्यय घटा जाती है व रसायनिक उर्वरक मुक्त खेती होने से भूमि की उर्वरता बरकरार रखा जा सकता है। दलहन का उत्पादन घट गया है। भोजन में दाल प्रोटीन के रूप में लोगों को ग्रहण करना पड़ता है। इसलिए दलहन के रूप में दाल...