मधुबनी, अक्टूबर 29 -- Madhubani News: मधुबनी, निज संवाददाता । शहर से लेकर गांवों तक मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच तथा दुकानों की नाप-तौल पर निगरानी की व्यवस्था कमजोर है। विभागीय स्तर पर पदाधिकारियों और कर्मियों की कमी, बड़े क्षेत्र का प्रभार तथा नियमित निरीक्षण की सीमित व्यवस्था से कारोबारियों की जांच प्रभावित हो रही है। इसका असर उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा पर व्यापक रूप से पड़ रहा है। मिठाई की दुकानों और खाद्य कारोबारियों की संख्या बढ़ने के बावजूद निगरानी व्यवस्था उसी अनुपात में मजबूत नहीं हो सकी है। इसकी बजाए कर्मी और अधिकारी रिटायर हो गए हैं । नहीं है स्थायी पदाधिकारी पदस्थापित: माप-तौल विभाग में जिले के लिए स्थायी पदाधिकारी नहीं होने से निगरानी की जिम्मेदारी दूसरे अधिकारी को सौंपी गई है। यह भी पढ़ें- Bhabua News:...