मधेपुरा, अक्टूबर 27 -- Madhepura News: कुमारखंड। दीपावली पर घर-आंगन में रोशन करने वाले मिट्टी के दीए का क्रेज धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। आधुनिकता के बढ़ते प्रभाव और इलेक्ट्रॉनिक झालरों, चाइनीज लाइटों और रंग-बिरंगे सजावटी सामानों के बढ़ते चलन ने कुम्हारों के पुश्तैनी कारोबार को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कभी दीपावली के मौके पर मिट्टी के दीयों की बिक्री से अच्छी आमदनी करने वाले कुम्हार अब ग्राहकों की कम होती दिलचस्पी से चिंतित हैं। प्रखंड के इसराइन खुर्द पंचायत अंतर्गत यदुआपट्टी गांव के वार्ड संख्या पांच में कुम्हार समुदाय के करीब 125 घर हैं। लगभग 1500 की आबादी वाले इस गांव के लोगों की आजीविका लंबे समय से मिट्टी के बर्तन, दीये और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं बनाने पर निर्भर रही है। लेकिन बदलते समय के साथ इनकी पारंपरिक कला और कारोबार के स...