लखनऊ, अक्टूबर 8 -- Lucknow News: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने वर्ष 1959 में लखनऊ में अधिग्रहित एक जमीन का मुआवजा अब तक पूरी तरह न दिए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया। कहा है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग से मुआवजे की रकम जारी होनी है, यदि 22 अक्तूबर तक उक्त मुआवजे की रकम का भुगतान नहीं किया जाता तो अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा कोर्ट के समक्ष हाजिर होकर बताएं कि याची को क्यों न मुआवजे के अतिरिक्त भारी हर्जाना भी दिलाया जाए। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तिथि नियत की है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ ने राजकुमार शैलेंद्र सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की मूल कार्यवाही 1959 में हुई थी और 2019 से मुआवजे की वसूली के लिए निष्पादन कार्यवाही लंबित है। इसके ब...