लखनऊ, अगस्त 6 -- Lucknow News: लखनऊ, संवाददाता। विराजखंड, गोमतीनगर स्थित विराजेश्वर महादेव मंदिर में श्री राम कथा में गुरुवार को कथा व्यास आचार्य शंकरदास ने श्रद्धालुओं को विपत्तियों, दुखों और संघर्ष से कभी न घबराने की सीखा दी। उन्होंने कहा कि संघर्ष से व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है। दुख में हमें अपने और परायों का भेद होता है। उन्होंने कहा यदि माता कैकई ने प्रभु राम को वन न भेजा होता तो शायद राम 'मर्यादा पुरुषोत्तम' न बन पाते। माता कैकेयी के इस कठोर कृत्य ने श्री राम को जन-जन के दुःख-दर्द से जोड़ा और उनके महान चरित्र और मर्यादा को दुनिया के सामने रखा। वैसे ही भगवान शिव ने जब विष ग्रहण किया, तब वह महादेव कहलाये।उन्होंने कहा प्रभु राम के जीवन से हमे शिक्षा मिलती है यदि हम धर्म के रास्ते पर चलेंगे तो प्रकृति भी हमारी मदद करती है। हमें वहां ...