लखनऊ, जुलाई 28 -- Lucknow News: सवा लाख मंत्रों की आहुति के साथ मंगलवार को इंदिरा नगर, जैन मंदिर में आठ दिनों से चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन हुआ। इस अवसर पर सवा लाख मंत्रों का जाप किया गया और आहुति दी गई। यज्ञनायक आयुष जैन ने हवन किया। प्रवचन में आचार्य सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि दुष्ट कर्मों के नाश करने के लिए प्रभु आराधना बहुत आवश्यक है। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई को आचार्य सुबल सागर जी महाराज के सान्निध्य में श्री जिनशासन प्रभावना चातुर्मास का शुभारंभ होगा। भव्य चातुर्मास स्थापना महोत्सव का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जाएगा। यह भी पढ़ें- सिद्धचक्र महामंडल विधान में अर्पित किए गए 1024 अर्घ

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