लखनऊ, अक्टूबर 11 -- Lucknow News: गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर बेड के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकना पड़ता है। बेड की तलाश में मरीज का कीमती समय बर्बाद होता है। जबकि गंभीर मरीज की जिंदगी बचाने में एक-एक मिनट अहम होता है। इस समस्या से निपटने के लिए वेंटिलेटर कमांड सेंटर बनाने की जरूरत है। इसके जरिए मरीजों के तीमारदारों को मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन नंबर पर खाली वेंटिलेटर बेड की जानकारी मिल सकेगी। इससे समय रहते मरीज को उचित अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में मदद मिल सकती है। यह सुझाव लोहिया संस्थान के एनस्थीसिया विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिए। इसमें राजधानी के प्रमुख अस्पतालों के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों के इलाज और सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा की। लोहिया संस्थान के पूर्व निदेशक ड...