लखनऊ, अक्टूबर 12 -- Lucknow News: लखनऊ,प्रमुख संवाददाता। लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान विभाग के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर सोमवार को 'ज्योतिर्विज्ञान की मूलकता और वैज्ञानिकतत्व' विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। वराहमिहिर सभागार में हुए इस कार्यक्रम में विद्वानों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने ज्योतिर्विज्ञान की सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद और दीप प्रज्वलन से हुई। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि प्राचीन भारतीय आचार्यों की काल-गणना बेहद उन्नत और सटीक थी। उन्होंने ज्योतिर्विज्ञान के अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा इसके ज्ञान का उपयोग मानवता और जनकल्याण के लिए करने पर जोर दिया।

विभाग की स्थापना और विस्तार विभाग की यात्रा की जानकारी द...