लखनऊ, अगस्त 1 -- Lucknow News: राजेश कुमार पाण्डेय,संवाददाता, श्रावस्ती। राप्ती नदी की सरसराती धारा के किनारे, जहां कभी लव का राजपाट फला फूला था, वहां आज भी एक शिवलिंग मौन साधना में लीन है। श्रावस्ती जनपद के बनी नाथ महादेव मंदिर की कहानी किसी एक युग की नहीं, बल्कि दो महायुगों की साझी विरासत है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान राम के पुत्र लव ने यहीं से अपना राज्य संभाला था, और सदियों बाद उसी भूमि पर पांडवों ने अज्ञातवास के दिनों में शिव आराधना के लिए यह शिवलिंग स्थापित किया। यह महज लोककथा नहीं, पुरातत्व विभाग की खुदाई में मिले प्राचीन शिलाखंड और मंदिर के अवशेष इसकी गवाही देते हैं। विडंबना देखिए, रामायण और महाभारत दोनों कालखंडों को समेटे यह अनूठा स्थल आज भी उपेक्षा और सरकारी लालफीताशाही की धूल में गुम है। यह भी पढ़ें- Deoria News: मनोकामना पूर...