लखनऊ, अगस्त 22 -- Lucknow News: लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय की ओर से आयोजित पुरातत्व अभिरुचि पाठ्यक्रम के तृतीय दिवस पर शनिवार को दो महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित किए गए। दोनों सत्रों में 15 राज्यों के 100 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रथम सत्र में प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के प्रो. अनिल कुमार ने पाषाण उपकरणों से धातु तक प्रागैतिहासिक संस्कृतियों का विकास विषय पर व्याख्यान दिया। द्वितीय सत्र में पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद इंदु प्रकाश ने पुरातात्विक कानूनों पर व्याख्यान दिया। दोनों विद्वान वक्ताओं का विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने पौधा एवं स्मृति-चिह्न देकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने किया। यह भी पढ़ें- अभिरुचि पाठ्यक्रम में शैलचित्रों और धरोहर पर व्...