लखनऊ, अगस्त 27 -- Lucknow News: पुश्तैनी मकान के बंटवारे को लेकर सगे चाचा को लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल करने के आरोपी आशुतोष मिश्रा उर्फ शिशु मिश्रा और सचिन मिश्रा उर्फ रिशु मिश्रा को एसीजेएम सौरभ ओझा ने एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि दोषियों की मां अरुणा मिश्रा को प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट की धारा 4 का लाभ देते हुए छह माह के प्रोबेशन(नेक चलनी) पर रिहा करने का आदेश दिया है। मुकदमे के दौरान एक अन्य आरोपी सतीश मिश्रा की मृत्यु हो गई थी। पत्रावली के अनुसार जितेंद्र कुमार मिश्रा ने धारा 156(3)द0प्र0स0 के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था। बताया गया है कि पैतृक मकान का बंटवारा न होने को लेकर उनके परिवार में विवाद चल रहा था। बताया गया है ...