लखनऊ, अक्टूबर 26 -- Lucknow News: क्रौंच पक्षी के वध से उपजी करुणा से महर्षि वाल्मीकि बनने की प्रेरक यात्रा और वन में बैठकर रामायण की रचना करते महर्षि वाल्मीकि। कुछ ऐसे ही प्रसंग सोमवार को कलाकारों ने कैनवास पर उकेरे। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर राज्य ललित कला अकादमी की ओर से कैसरबाग स्थित लाल बारादरी भवन में शुरू हुए दो दिवसीय लाइव चित्रकला शिविर में 10 कलाकारों ने रामायण और महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़े प्रसंगों को रंगों के माध्यम से साकार किया। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर राज्य ललित कला अकादमी की ओर से इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में उनके जीवन और कृतित्व पर आधारित विशाल रंगोली भी बनवाई गई। दो दिवसीय लाइव चित्रकला शिविर 27 अक्टूबर तक चलेगा। दूसरे दिन कलाकार अपनी कलाकृतियों को अंतिम रूप देंगे। यह भी पढ़ें- Bareily News: वाल्मीकि ऋषि ही ...