लखनऊ, सितम्बर 7 -- Lucknow News: कागजों में सड़क बन गई और उसका भुगतान भी हो गया, लेकिन जमीन पर किसान आज भी कच्चे रास्ते के दलदल में फंसे हैं। कुबहरा में सड़क निर्माण को लेकर चल रहे किसानों के धरने में सोमवार को यही बड़ा सवाल गूंजता रहा। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में सामुदायिक मिलन केंद्र पर 20 दिन से डटे सैकड़ों किसानों का गुस्सा उस समय और भड़क गया, जब आश्वासन के बावजूद एसडीएम मोहनलालगंज धरनास्थल पर नहीं पहुंचे। धरनास्थल पर पहुंचीं जिला पंचायत की अवर अभियंता मधु ने 390 मीटर कच्चे मार्ग की पैमाइश की। जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया कि विभागीय फाइलों में वर्ष 2018 में ही इस मार्ग के डामरीकरण का भुगतान हो चुका है, जबकि मौके पर सड़क बनी ही नहीं है। अवर अभियंता ने मामले की जांच का भरोसा दिया है। इससे पहले किसानों का प्रतिनिधिमं...