लखनऊ, अगस्त 11 -- Lucknow News: लखनऊ, संवाददाता। बड़ा बनने के लिए ऊंची आवाज नहीं, बल्कि ऊंचे विचारों की आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति अपने विचारों को श्रेष्ठ बनाता है, वही समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को आयोजित धर्मसभा में उपाध्याय 108 वीहसंत सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को यह सीख दी। उन्होंने कहाकि सम्मान उम्र से नहीं, बल्कि अच्छे व्यवहार, उत्तम संस्कारों और श्रेष्ठ कार्यों से प्राप्त होता है। व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके कर्मों और आचरण से होती है। इस अवसर पर आनंदमय पावन वर्षायोग समिति के अध्यक्ष चंदप्रकाश जैन ने बताया कि श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज का 43वां अवतरण दिवस बुधवार को (12 अगस्त) को मनाया जाएगा। मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि उपाध्याय श्री के जन...