लखनऊ, जुलाई 9 -- Lucknow News: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा है कि प्रदेश की निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत व्यवस्था बनाए रखने के लिए पावर कॉरपोरेशन में सभी स्तरों पर रिक्त पड़े कर्मचारियों एवं अभियंताओं के पदों को तत्काल भरा जाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही निजीकरण एवं वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर हटाए गए अनुभवी संविदा कर्मियों को तत्काल कार्य पर वापस लिया जाए। कर्मचारियों और अभियंताओं के विरुद्ध लंबित अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को समाप्त कर सकारात्मक कार्य वातावरण बनाया जाए। यह भी पढ़ें- तत्काल भरे जाएं अभियंताओं के रिक्त पदपदों की स्थिति संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा है कि वर्ष 2000 में जब राज्य बिजली बोर्ड का विघटन हुआ था, तब प्रदेश में लगभग 60 लाख उपभोक्ता थे और 1.20 लाख नियमित कर्मचारी ...