नई दिल्ली, जून 22 -- अमेरिका-ईरान के बीच डील खतरे में पड़ गए हैं और ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने खबरें भी हैं। इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों का सीधा असर एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर पड़ा है। सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में भारी बढ़ोतरी होने के कारण इंडियन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को घरेलू सिलेंडर पर काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मई 2026 तक एक सिलेंडर पर अंडर-रिकवरी यानी घाटा लगभग 610 से 670 रुपये तक पहुंच गया था, जबकि अप्रैल में यह सिर्फ 170 रुपये प्रति सिलेंडर था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के बावजूद भारत में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित नहीं हुई है। सरकार ने घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर 52 हजार मीट्रिक टन कर दिया है और देश में किसी भी प्रकार की गैस की कमी नहीं होने दी गई है।भारत में एलपीजी की कीमत पड़ोसी देशों ...