नई दिल्ली, मार्च 27 -- मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष को एक महीना पूरा होने को है। इसका असर अब निम्न आय वर्ग के लोगों पर दिखने लगा है। रसोई गैस की किल्लत के कारण ठेले पर चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वालों के सामने अजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इसी तरह कई छोटे ढाबों को बंद करना पड़ा है। यमुनापार इलाके में बीते 20 वर्षों से चाय की दुकान से परिवार चलाने वाले बाबूलाल ने बताया कि गैस की किल्लत के कारण दो हफ्तों से दुकान बंद करनी पड़ी है। अब मजदूरी की तलाश में हूं, ताकि घर का किराया निकल सके और बच्चों का पेट पाल सकूं। इसी तरह रिक्शा चलाने वाले खुर्शीद ने बताया कि पहले 80-100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से छोटे सिलेंडर में गैस भरवाता था। अब 300 रुपये प्रति किलो गैस मिल रही है। इतनी कमाई नहीं है कि उसे भरवा सकूं। अब अटल कैंटीन में भोजन करता हूं। एलपीजी ...
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