नई दिल्ली, अगस्त 14 -- सरकार ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि साल 2027 में होने वाले कुल एलपीजी आयात का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका के लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट के जरिए लाया जाए। इस साल की शुरुआत में ही भारत ने अमेरिका से पहली बार ऐसा लंबी अवधि का सौदा किया था, जिसमें करीब 22 लाख टन (कुल आयात का 10 प्रतिशत) गैस मंगाने का समझौता हुआ था। अभी इन तीनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारी अमेरिका में ही मौजूद हैं और सप्लाई के नई डील पर बातचीत कर रहे हैं।मिडिल ईस्ट से क्यों हट रहा है भारत का ध्यान? इस कदम के पीछे भारत की मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम करने की बड़ी योजना है। पहले भारत की 90 प्रतिशत से अधिक एलपीजी जरूरतें खाड़ी देशों से पूरी होती थीं, लेकिन ईरान में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट...