लोहरदगा, जुलाई 26 -- Lohardaga News: लोहरदगा, संवाददाता। आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था से संबंधित एक बड़ी पहल लोहरदगा जिले के बरही गांव में रविवार को देखने को मिली। करीब 14 वर्षों बाद गांव की 2.14 एकड़ पहनई जमीन समुदाय को वापस मिलने पर आठ टोला के एक हजार से अधिक महिला-पुरुषों ने एक साथ खेत में उतरकर सामूहिक धान रोपाई की। वर्षों से विवाद और कब्जे के कारण सामुदायिक उपयोग से बाहर रही इस जमीन पर दोबारा खेती शुरू होने को ग्रामीणों ने अपनी परंपरा, संस्कृति और अधिकारों की जीत बताया। पूरे आयोजन ने गांव में उत्सव जैसा माहौल बना दिया। इस अवसर पर जिला राजी पड़हा व्यवस्था लोहरदगा के जिला बेल लक्ष्मी नारायण भगत ने कहा कि पहनई जमीन की खरीद-बिक्री या किसी भी व्यक्ति के नाम हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। यह जमीन गांव की सामुदायिक संपत्ति है और नियमों क...