लातेहार, जुलाई 3 -- Latehar News: लातेहार। शहर के करकट गांव निवासी सुबोध प्रसाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उनके पिता रामवृक्ष प्रसाद पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1949-50 में हुई बंदोबस्ती उनके पिता के नाम से हुई, जबकि उस समय उनका जन्म भी नहीं हुआ था। सुबोध प्रसाद के अनुसार, वर्ष 1949-50 में जमीन की बंदोबस्ती उनके दादा स्व़ विगावन साहु के नाम से हुई थी। बाद में दादा के निधन के कई वर्षों पश्चात उनके पिता रामवृक्ष प्रसाद और चाचा स्व़ श्रीस्ता प्रसाद ने विधिवत नामांतरण कराकर जमीन अपने नाम दर्ज कराई। उन्होंने दावा किया कि जमीन से संबंधित सभी अभिलेख, नामांतरण और ऑनलाइन-ऑफलाइन रसीदें उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी रंजिश के कारण उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

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