लातेहार, सितम्बर 30 -- Latehar News: लातेहार,संवाददाता। नेतरहाट क्षेत्र में इको-सेंसिटिव जोन के नियम-कानून लागू होने के कारण वर्षों से निवास कर रहे पुराने रैयतों और स्थानीय परिवारों को मकान निर्माण समेत कई कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को दिशा की बैठक में प्रमुखता से उठाया गया ।

स्थानीय परिवारों का पारंपरिक जुड़ाव इस संबंध में श्री अमलेश सिंह ने बताया कि नेतरहाट में लंबे समय से रहने वाले स्थानीय परिवारों का क्षेत्र की जमीन से पारंपरिक जुड़ाव रहा है। इसके बावजूद इको-सेंसिटिव जोन के प्रावधानों के कारण उन्हें अपने रहने के लिए मकान बनाने जैसे बुनियादी कार्यों में प्रशासनिक और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है। जमीन के उपयोग और भविष्य में प...