ललितपुर, अगस्त 7 -- Lalitpur News: ललितपुर। गोविंद सागर बांध की छोटी नहर शहरवासियों के लिए वर्षों से बड़ा संकट बनी हुई है। इसमें गिरने से कई हादसों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या के समाधान की ओर कभी ध्यान नहीं दिया। इस कारण इसके आस पास रहने वाले लोग प्रतिदिन बड़े खतरे के बीच जीवन जीने को विवश हैं। शहवासियों के लिए पेयजल आपूर्ति और आस पास ग्रामीण इलाकों में फसलों की सिंचाई को गोविंद सागर बांध का निर्माण वर्ष 1951 में कराया गया था। खेतों तक बांध का पानी पहुंचाने के लिए दो नहरें भी बनाई गईं। शुरुआती समय में शहर ने फैलाव नहीं लिया था, जिससे नहरों के आस पास मकान नहीं बने थे। हालांकि बाद में किसानों ने अपनी भूमि को बेचना शुरू किया और खरीददार मकान बनाकर रहने लगे। फिलहाल शहर में नहर के आस पास घनी आबादी बस गयी है। लोग ...