ललितपुर, अगस्त 8 -- Lalitpur News: ललितपुर। 72 करोड़ रुपये सालाना सिर्फ खुराक पर खर्च होने के बावजूद बड़ी संख्या में मवेशी राष्ट्रीय रामजार्ग, बाईपास और गांव के सड़क मार्गों पर राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। अन्ना मवेशियों को लेकर एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार सहित कई अफसरों व कर्मियों की जिम्मेदारी तय होने के बावजूद वह उसका निर्वहन नहीं कर रहे। अन्ना मवेशियों की समस्या से निपटने और इनके संरक्षण को जनपद में 27 गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा महरौनी, ललितपुर व तालबेहट में कान्हा आश्रय स्थल भी क्रियाशील हैं। इनमें तीस हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। वहीं सहभागिता के आधार पर नौ हजार से अधिक गौवंश ग्रामीणों को सौंपे गए हैं। इस तरह जनपद में कुल चालीस हजार गोवंशों की देखभाल हो रही है। इनकी खुराक भूसा, साइलेज, चूनी, दाना, गुड़, हरा चार...