ललितपुर, अगस्त 21 -- Lalitpur News: ललितपुर। कहने को हम शहर में रहते हैं, लेकिन स्थितियां गांव से भी बदतर हैं। यहां की सड़कें मवेशियों का विश्रामस्थल बन चुकी हैं। जिधर देखो, उधर गोवंश झुंड बनाए बैठे नजर आते हैं। इनके अचानक उठकर दौड़ लगाने और आपस में लड़ने के चलते वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसको लेकर शहरवासियों में आक्रोश है। बुंदेलखंड स्थित विभिन्न जनपदों में अन्ना मवेशी सिर्फ ग्रामीणों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इनकी चहल कदमी शहरी क्षेत्रों और कस्बों में भी है। इसके चलते शासन ने इन गोवंशों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ग्रामीण इलाकों और शहरों के आस पास गोवंश आश्रय स्थल संचालित किए। जिनमें इन अन्ना गोवंशों को संरक्षित किया जा रहा है। दैलवारा के पास कान्हा गोवंश आश्रय स्थल में शहर के अन्ना गोवंशों को रखा गया है। इसकी क्षमता 500 ...