ललितपुर, अगस्त 23 -- Lalitpur News: ललितपुर। गाजरघास उन्मूलन जागरुकता सप्ताह के अन्तिम दिन कृषि विज्ञान केंद्र में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें नोडल अधिकारी एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ डा. दिनेश तिवारी ने तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि गाजरघास जिसे आम तौर पर कांग्रेस घास, सफेद टोपी, गजरी, चटक चांदनी, रुखैया आदि नामों से जाना जाता है। एक विदेशी आक्रामक खरपतवार है। इससे मनुष्यों और पशुओं में त्वचा रोग, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां भी फैलती हैं। यह भी पढ़ें- फसलों की वृद्धि और उत्पादकता को प्रभावित करती है गाजर घास

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...