कुशीनगर, जुलाई 20 -- Kushinagar News: कुशीनगर। तमकुहीराज विकासखंड के चन्द्रौटा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के प्रथम दिन जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत माहात्म्य एवं गोकर्ण-धुंधकारी की प्रेरणादायी कथा का रसपान कराया।‎आचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात वाङ्मय स्वरूप है। कलियुग में श्रद्धा और भक्ति के साथ भागवत का श्रवण, मनन एवं कीर्तन करने से मनुष्य को आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर ले जाता है। गोकर्ण-धुंधकारी प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि दुष्कर्मों के कारण प्रेतयोनि को प्राप्त धुंधकारी का भी सात दिवसीय श्रीमद्भागवत श्रवण से उद्धार हो गया। सत्संग, सदाचार और भगवान की कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण पतित व्यक्ति के जीवन में भी पर...