कुशीनगर, अक्टूबर 10 -- Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। एपी तटबंध जवही कटान से आई बाढ़ का पानी गांवों से धीरे-धीरे निकल रहा है। राहत शिविरों में शरण लेने वाले परिवार भी अपने घरों को लौटने लगे हैं। बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने से लोगों को काफी सहारा मिला, लेकिन पानी उतरने के बाद अब दुश्वारियों का नया दौर शुरू हो गया है। घरों में जमा गाद, गलियों में कीचड़, दूषित पेयजल, मच्छरों का प्रकोप, बिजली कटौती और पशुओं के चारे की कमी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में जलभराव से धान और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। करीब 25 राजस्व गांवों में फसल क्षति का आकलन और ऑनलाइन डाटा फीडिंग की प्रक्रिया जारी है। किसानों को अब मुआवजे का इंतजार है, वहीं खेतिहर मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट...