कुशीनगर, अक्टूबर 29 -- Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। नारायणी गंडक नदी का डिस्चार्ज घट रहा है, लेकिन अहिरौली दान में कटान का खतरा कम नहीं हो रहा। एपी तटबंध के किमी 13.200 से 14.500 के बीच नदी का दबाव बरकरार है। कभी तटबंध से दूर बहने वाली नदी अब उसके किनारे तक पहुंच गई है। कई टोले उजड़ चुके हैं और परिवार घरों के साथ खेती की जमीन भी गंवा चुके हैं। अब बचे करीब 20 घरों पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में बचाव कार्यों की प्रभावशीलता और विभागीय दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

अहिरौली दान में कटान का खतरा ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड की ओर से बचाव कार्यों में निरंतरता नहीं बरती जा रही है। कुछ घंटे काम कराने के बाद मशीनें बंद हो जाती हैं। नदी दोबारा दबाव बनाकर कटान शुरू कर देती है और ग्रामीणों के विरोध के बाद फिर काम शुरू होता ...