कुशीनगर, अक्टूबर 15 -- Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। जिले में गर्भवती महिलाओं तक आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां पहुंचाने की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन इन्हें नियमित रूप से खाने के मामले में अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। पांच साल में गर्भावस्था के दौरान 100 दिन या उससे अधिक समय तक आयरन-फोलिक एसिड लेने वाली महिलाओं का अनुपात 17.8 फीसदी से बढ़कर 23.7 फीसदी हुआ है। वहीं, 180 दिन या उससे अधिक समय तक इसका सेवन करने वाली महिलाओं का आंकड़ा 9.7 फीसदी से बढ़कर 14.9 फीसदी पहुंचा है। सुधार के बावजूद लंबी अवधि तक नियमित सेवन करने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी अभी काफी कम है।

आंकड़ों में सुधार, सेवन अब भी कम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 और एनएफएचएस-6 के आंकड़ों की तुलना में जिले में मातृ पोषण से जुड़ी यह तस्वीर सामने आई है...