कुशीनगर, सितम्बर 30 -- Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। बड़ी गंडक नदी के मिजाज से सिंचाई विभाग अनजान नहीं है। नदी हर साल अपना रास्ता बदलती है, धारा का रुख बदलकर कटान करती है और जलस्तर बढ़ने पर तटबंधों पर दबाव बनाती है। कुशीनगर में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एमके सिंह करीब सात साल से तैनात हैं। इस दौरान गंडक कई बार उग्र हुई, तटबंधों पर दबाव पड़ा और कटान की घटनाएं हुईं। इसके बावजूद इस साल जिस तरह से बाढ़ से पहले की तैयारियां सामने आईं, उसने विभाग की कार्ययोजना और निगरानी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। रेनकट और रैटहोल जैसे सामान्य, लेकिन तटबंध के लिए अहम खतरे समय से दुरुस्त नहीं किए जाने की शिकायतों के बीच अब एपी तटबंध का टूटना तैयारी के दावों की पोल खोल रहा है। यह भी पढ़ें- कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, बांध टूटने से बाढ़ की ...