कोडरमा, सितम्बर 21 -- Kodarma News: झुमरी तिलैया निज प्रतिनिधि। जैन धर्म का पर्वाधीराज दसलक्षण पर्यूषण का छठा दिन जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम संयम धर्म व धूप दशमी पर्व के रूप में मनाया। महासंत जैन मुनि श्री 108 सुयश सागर गुरुदेव ने अपनी पीयूष वाणी मे भक्तजनों को कहा कि संयम समझने का नहीं अंतरंग में उतारने का विषय है। बिना संयम के मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती है। दूसरों पर कंट्रोल नहीं अपने पर कंट्रोल करो, जीवन को संयमित और नियंत्रित बनाना ही संयम है। मनुष्य को बाहर से नहीं अंदर से जागने की आवश्यकता है। आज दोनों मंदिरों में भक्तिभाव के साथ भक्तजनों के द्वारा धूप दशमी का पर्व मनाया गया। यह भी पढ़ें- सूरत से आए पंडित ने उतम संयम का महत्व बताया पर्युषण महापर्व पर निर्जल उपवास कर रहे वृत्तियों को समाज के मंत्री नरेंद्र झाझंरी, संयुक्त मंत्री ...