कोडरमा, अक्टूबर 28 -- Kodarma News: कोडरमा, वरीय संवाददाता । दीपावली और अन्य त्योहारों के दौरान मिठाई और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और मिलावट की पहचान को लेकर सतर्कता जरूरी है। जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद बताते हैं कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की प्रारंभिक पहचान के लिए टींचर आयोडीन जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, घरेलू स्तर पर की गई जांच को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। खाद्य पदार्थों की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला में नमूनों की जांच जरूरी है। जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच के दौरान निर्माण तिथि सहित अन्य जरूरी जानकारियों की भी पड़ताल की जाती है। जांच में खामियां मिलने पर खाद्य पदा...