किशनगंज, जुलाई 12 -- Kishanganj News: पोठिया निज संवाददाता पोठिया प्रखंड के छत्तरगाछ क्षेत्र में अब किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक प्रगतिशील किसान ने अपने खेत में पपीता की व्यावसायिक खेती शुरू की है। यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, क्योंकि पपीता ऐसी फसल है जिससे कम समय में अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। पपीता की खेती कर रहे किसान नूरुल हक, मो सोहेल हाजी ने बताया कि धान और मक्का जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में पपीता की खेती अधिक लाभदायक साबित हो सकती है। यह भी पढ़ें- पपीता की खेती, कम समय में बेहतर मुनाफे की उम्मीद पपीता का पौधा रोपाई के लगभग 8 से 10 महीने बाद फल देना शुरू कर देता है और दो से तीन वर्षों तक लगातार उत्पादन देता है। बाजार में सालभर इसकी म...