नई दिल्ली, मार्च 7 -- राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। यहां बाबा खाटू श्याम की पूजा होती है, जो महाभारत काल में पांडव भीम के पोते और घटोत्कच्छ के पुत्र बर्बरीक थे। लाखों श्रद्धालु रोजाना बाबा के दर्शन के लिए आते हैं और अधिकतर भक्त अपने साथ निशान (ध्वज या झंडा) लेकर जाते हैं। यह निशान यात्रा और अर्पण की परंपरा सदियों पुरानी है, जो बाबा के बलिदान और विजय का प्रतीक है। आइए जानते हैं निशान अर्पित करने की वजह, महत्व और नियम।निशान अर्पित करने की वजह और परंपरा हिंदू धर्म में ध्वज को विजय और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। खाटू श्याम जी को निशान चढ़ाने की परंपरा महाभारत काल से जुड़ी है। बर्बरीक ने धर्म की जीत के लिए अपना शीश दान किया था और युद्ध का श्रेय भगवान श्रीकृष्ण को दिया। यह बल...
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