नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- हिंदू पंचांग के अनुसार चल रहा खरमास 14 अप्रैल 2026 को समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही एक महीने से रुके हुए सभी शुभ और मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक खरमास को अशुभ समय माना जाता है, इसलिए इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ और नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे कार्य नहीं किए जाते।?खरमास कब लगता है दरअसल, जब सूर्य देव गुरु ग्रह बृहस्पति की राशि यानी मीन या धनु में गोचर करते हैं, तब खरमास लगता है। इस बार यह अवधि 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगी। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान सूर्य की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रहती है, इसलिए कोई भी शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। 14 अप्रैल को मेष संक्रांति- 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष स...