नई दिल्ली, दिसम्बर 6 -- हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व होता है। खरमास ऐसा समय माना जाता है, जब कोई भी शुभ या मांगलिक काम करने की अनुमति नहीं होती। वर्ष में यह अवधि दो बार आती है। पहली बार तब, जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं और दूसरी बार जब वे मीन राशि में जाते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इन दोनों स्थितियों में सूर्य का तेज कम हो जाता है, जबकि किसी भी शुभ कार्य के लिए सूर्य का प्रखर और बलवान होना अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्य को ग्रहों का राजा और पिता पक्ष का प्रतिनिधि माना जाता है, इसलिए उनके प्रकाश में कमी शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल मानी गई है। इसी वजह से, खरमास की अवधि में धार्मिक और सामाजिक मांगलिक आयोजन रोक दिए जाते हैं। दिसंबर में खरमास कब से शुरू होगा- पंचांग के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को सूर्य धनु राशि में प्रवेश ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.