खगडि़या, जुलाई 30 -- Khagaria News: खगड़िया । एक प्रतिनिधि मलिन हृदय को साफ करने के लिए गुरु की जरूरत होती है। कोई भले ही ब्रह्मा, विष्णु और शंकर के समान क्यों न हो वह गुरु के बिना भवसागर को पार नहीं कर सकता है। यह बातें परमसिद्ध विदेह संत श्रीदेवराहा शिवनाथ दासजी महाराज ने बुधवार को शहर के सीढ़ी घाट स्थित एक मैरेज हॉल में गुरु पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि धरती के आरंभ से ही गुरु का महत्व अनिर्वचनीय रहा है और यहां तक कि हमारे सारे धर्मग्रंथों में ही गुरु की महिमा का गुणगान किया गया है। गुरु बिनु भव निधि तरै न कोय, जो निज बिरंच शंकर सम होय। यह भी पढ़ें- मलिन हृदय को साफ करने के लिए गुरु की जरूरत होती है : देवराहा शिवनाथ संत श्री ने कहा कि गुरु का नाम ले लो सहारा मिलेगा। हरि का नाम ले लो किनारा मिलेगा। जैसे गंदे कपड़े ...