कौशाम्बी, सितम्बर 7 -- Kausambi News: गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने के उद्देश्य से सरकार ने सामुदायिक शौचालयों पर लाखों रुपये खर्च किए हैं। किंतु ग्राम पंचायतों में सब कुछ इसके विपरीत ही दिख रहा है। लाखों की लागत से बने शौचालय निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। कही इनमें लगे ताले खोले जाने का इंतजार कर रहे हैं तो कही केयरटेकर की अनदेखी के कारण शोपीस बनकर रह गए हैं।

प्रशासनिक चुनौतियाँ विकास खंड सिराथू के मॉडल गांव मोहम्मदपुर अनेठा गांव में बने सामुदायिक शौचालय के संचालन की जिम्मेदारी गांव में गठित स्वयं सहायता समूह दी गई है। बावजूद इसके सामुदायिक शौचालय देखरेख के अभाव में अव्यवस्था का शिकार है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में बने सामुदायिक शौचालय की कोई देखरेख नहीं करता है। इतना ही नहीं आए दिन शौचालय में ताला बंद रहता है। जिससे ग्रामीण...