कौशाम्बी, अक्टूबर 29 -- Kausambi News: नगर पंचायत दारानगर के कटरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित अखिलेश जी महाराज ने राजा परीक्षित को मिले श्राप और महर्षि शुकदेव के आगमन का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने बताया कि ऋषि शमीक के पुत्र श्रृंगी ऋषि ने राजा परीक्षित को सात दिनों के भीतर तक्षक नाग के दंश से मृत्यु का श्राप दिया था। श्राप की जानकारी मिलने पर राजा परीक्षित ने विचलित होने के बजाय राजपाट और सांसारिक मोह-माया का त्याग कर ईश्वर की आराधना करने का संकल्प लिया। इसके बाद गंगा तट पर महर्षि शुकदेव का आगमन हुआ। राजा परीक्षित ने उनसे जीवन, मृत्यु, कर्म और मोक्ष से जुड़े प्रश्न किए। उनके समाधान में शुकदेव जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा सुनाई। इस प्रसंग के माध्यम से श्रद्धा...