कटिहार, अगस्त 22 -- Katihar News: अमदाबाद, संवाद सूत्र। विषहरी पूजा की परंपरा के तहत प्रखंड अंतर्गत प्राणपुर गांव के लोगों ने सती बिहुला और बाला लखिंदर की प्रतिमा को डोलीनुमा मंजूषा में सजाकर गंगा नदी में प्रवाहित किया। लोगों का यह मानना है कि बाला लखिंदर की मृत्यु के बाद सती बिहुला ने पति के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया और उन्हें लेकर गंगा नदी मार्ग से देवलोक की यात्रा पर निकल पड़ी थीं।

पूजा की प्रक्रिया इसी लोककथा की स्मृति में विषहरी पूजा करने वाले श्रद्धालु केले के थम से बनी संरचना पर बिहुला और लखिंदर की प्रतिमा रखकर उसे नदी में प्रवाहित करते हैं। मान्यता यह भी है कि प्रवाहित की गई मंजूषा जिस गांव या किसी घर के सामने ठहरती है, वहां के लोगों को विषहरी पूजा कराने की परंपरा मानी जाती है।

लोक कला विषहरी पूजा के दौरान लोक कलाकार नाटक और...