कटिहार, अक्टूबर 10 -- Katihar News: कटिहार निज संवाददाता। जैन अतिथि भवन में आयोजित मासखमण तप अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुनि प्रशांत कुमार ने कहा तपस्या अपने आप में महान कार्य है। भगवान महावीर स्वामी ने इसे मोक्ष का मार्ग बताया है। ज्ञान, दर्शन, चरित्र और तप जब चारों मिलते हैं तब मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। जीवन में चारों का विकास आवश्यक है। विवेक पटावरी द्वारा किए गए मासखमण तप की उन्होंने सराहना की। भगवान के प्रति भक्तिभाव से तप करने की आवश्यकता जताई। भक्ति के भावों,अहोभाव, श्रद्धा भाव से तपस्या की जाती है तो महान तप हो जाता है। गौतम स्वामी को भक्ति से लब्धि की प्राप्ति हो गई। तपस्या में स्वयं का मनोबल मजबूत होना चाहिए। मुनि कुमुद कुमार ने कहा तप धार्मिक जीवन की पहचान है। त्याग करना, छोड़ना बहुत कठिन होता है। आसक्ति का त्याग...