कानपुर, अक्टूबर 5 -- Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। हनुमान जी की करुणा और दयावृत्ति रामराज्य की आधारशिला बनती है। हनुमान जी प्रभु को जीव की व्यथा सुनाकर प्रभु के हृदय में जीव के प्रति करुणा गुण उत्पन्न करते हैं और जीव को प्रभु की कृपालता की। प्रभु और भक्त के भाव का वर्णन करते हुए यह प्रसंग दीदी मां मंदाकिनी श्रीराम किंकर ने सुनाया। रामकथा का आयोजन श्री रामलीला सोसाइटी परेड ने किया। मर्चेंट चेंबर में रामकथा का रसपान कराते हुए उन्होंने कहा कि हनुमान जी मानव जीवन को ही नहीं भगवान को भी मोटिवेट करते हैं। रामकथा की आरती में सोसाइटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, कमल किशोर अग्रवाल, राकेश गर्ग, अमरनाथ मेहरोत्रा, पवन अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल और आलोक अग्रवाल आदि रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्र...