कानपुर, अक्टूबर 2 -- Kanpur News: कानपुर। सुंदरकांड में सुंदर शब्द की विशेषता देखने को मिलती है। एक भौतिक सौंदर्य है, जिसका विनाश तय है। जबकि एक शाश्वत सौंदर्य है। प्रभु का नाम और प्रभु की कथा शाश्वत है, जो हमें देह से देही तक ले जाता है। राम कथा के चौथे दिन प्रवचन देते हुए यह बातें दीदी मां मंदाकिनी राम किंकर ने कहीं। कथा का आयोजन श्री रामलीला सोसाइटी ने मर्चेंट चेंबर में किया। कथा का रसपान कराते हुए दीदी मां मंदाकिनी राम किंकर कहती हैं कि लंका बाहर से बहुत सुंदर थी। हनुमान जी ने उसे जला दिया। कलियुग में व्यक्ति के दुखों की नाश करने की जिसमें क्षमता है, वही सुंदर है। हनुमान जी नाम और कथा से भक्तों का उद्धार करते हैं। कार्यक्रम में राजीव गर्ग, कमल किशोर अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, अमरनाथ मेहरोत्रा, पवन अग्रवाल, लालजी शुक्ला, वीरेंद्र अग्रवाल, ...