कानपुर, सितम्बर 29 -- Kanpur News: कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। श्री रामलीला सोसाइटी की श्री राम कथा का यह स्वर्ण जयंती वर्ष है। कथा के प्रथम दिवस मंगलवार को युग तुलसी महाराज श्री रामकिंकर जी की शिष्या पूज्य दीदी मां मंदाकिनी ने श्रीरामचरितमानस के माध्यम से ''स्वर्ण'' की अद्भुत व्याख्या प्रस्तुत की। विजयादशमी महोत्सव के पहले दिन मर्चेंट चैंबर हॉल में आयोजित समारोह में कहा कि सीता जी की खोज में निकले बंदर भूखे-प्यासे हो जाते हैं। उन्हें एक माह तक अथक पुरुषार्थ करके सफलता नहीं मिली पर यहां बंदरों का सौभाग्य था कि श्री हनुमानजी उनके साथ थे और उन्होंने पर्वत के ऊपर गुफा में बैठी तपस्विनी देवी स्वयं प्रभा से मिलवाया। बंदरों को जल भी मिला, फल भी मिले। यह संत की वाणी पर विश्वास का फल था। श्री हनुमान जी ने कहा कि मेरा जन्म अंजना के गर्भ से हुआ और जन...