कानपुर, अगस्त 9 -- Kanpur News: कानपुर। कौशलपुरी स्थित सनातन धर्म मंदिर में सनातन साहित्य संगम के श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन शनिवार को आचार्य डॉ सर्वेश द्विवेदी ने शिवलिंग पूजन के आध्यात्मिक महत्व और उससे मिलने वाले दिव्य फलों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने विशेष रूप से कलियुग में पार्थिव यानी मिट्टी से बने शिवलिंग की पूजा को सर्वोत्तम और महापुण्यकारी बताया। कहा कि जिस प्रकार नदियों में पतित पावनी गंगा, देवताओं में देवाधिदेव महादेव और देवियों में माता पार्वती सर्वोपरि हैं, ठीक उसी प्रकार समस्त शिवलिंगों में पार्थिव शिवलिंग को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। संगम की सचिव डॉ. प्रसून चौहान ने बताया कि 11 अगस्त को महा रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। यह भी पढ़ें- Shamli News: सत्संग के साथ 1008 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण यहां प्रदीप मि...