कानपुर, अगस्त 17 -- Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। पैर में पड़ी प्लेट के नट को निकालते समय हड्डी टूटने के दस दिन बाद रिमशा को उर्सला से हैलट रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि जबरन हैलट रेफर किया गया जबकि वह लोग उर्सला में ही इलाज कराना चाहते थे। एंबुलेंस बुलाकर जबरन वहां से हटा दिया। हालांकि निदेशक डॉ सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि जबरन नहीं बेहतर इलाज के लिए हैलट भेजा गया है। उर्सला के डॉ सुनील उत्तम लगातार किशोरी की हालत पर नजर रखे हैं। जाजमऊ के नफीस और नाईमा ने 15 साल की बेटी रिमशा को उर्सला में चार अगस्त को भर्ती किया था। सात अगस्त को डॉ सुनील उत्तम ने बाएं पैर में डाली प्लेट में नट को हटाने के लिए ऑपरेशन किया था। डॉ सुनील ने ही रिमशा के पैर में चार साल पहले प्लेट डाली थी। सर्जरी के दौरान नट जोर से खींचने पर वही हड़्डी फिर टू...