कानपुर, अक्टूबर 9 -- Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। श्री रामलीला कमेटी चंद्रिका देवी की ओर से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन शुक्रवार को भगवान राम और लक्ष्मण की लीलाओं का सजीव मंचन हुआ। मुनि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए अपने साथ ले जाते हैं। आश्रम में यज्ञ के दौरान ताड़का, मारीच और सुबाहु विघ्न डालते हैं। भगवान राम ताड़का और सुबाहु का वध कर यज्ञ की रक्षा करते हैं, जबकि मारीच को एक बाण से सौ योजन दूर समुद्र पार पहुंचा देते हैं। आगे मार्ग में गौतम ऋषि के आश्रम में भगवान राम अपने चरणों के स्पर्श से श्रापित अहिल्या का उद्धार करते हैं। प्रभु के दर्शन पाकर अहिल्या भावविभोर हो जाती हैं और अपने पति गौतम ऋषि के लोक को प्रस्थान करती हैं। यह भी पढ़ें- Bulandsehar News: डिबाई में रामलीला में राम जन्म और बाल लीलाओं...