कानपुर, अक्टूबर 17 -- Kanpur News: पुखरायां, संवाददाता। झांसी से पधारे कथावाचक ने मां शीतला देवी मंदिर में चल रही श्री रामकथा में वन गमन व केवट संवाद की कथा कही। इस अवसर पर कमेटी के चंद्रपाल सिंह ने ब्यास पीठ की आरती उतारी। कथावाचक आचार्य अजय तिवारी रसिक ने कहाकि कैकेई के दो वरदान मांगे जाने पर राजा दशरथ ने प्रथम वरदान में भरत को राजगद्दी व राम को 14 वर्ष वनवास का आदेश दिया, जिस पर मर्यादा पुरुषोत्तम राम-लक्ष्मण व माता सीता 14 वर्ष के लिए वन को चले गए। उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने पिताजी के वचनों को याद करके बन को चले गए। यह भी पढ़ें- Bulandsehar News: श्रीरामलीला: राम भक्त ले चला रहे राम की निशानी शीश पर खड़ाऊं ... गंगा के पास पहुंचते ही केवट से भेंट हुई राम ने केवट से गंगा पार करने के लिए आग्रह किया,...