कानपुर, अगस्त 8 -- Kanpur News: पुखरायां, संवाददाता। स्थानीय मंडी में आढ़तियों की मनमानी के चलते किसानों को उनके उत्पाद की सही कीमत नहीं मिल पाए रही है। आढ़तियों पर कोई अंकुश न होने पर वह मनमानी कमीशन लेकर माल बेंच रहे हैं। मंडी समिति में सात आढ़तिए हरी सब्जी की और आठ आढ़तिए आलू की खरीदारी जो किसान मंडी में अपना माल लेकर आता है करते हैं। कहने को तो यह है कि वह किसानों के माल पर कोई कटौती नहीं करते, लेकिन किसान अथवा दुकानदार सीधा अपना माल मंडी में नहीं बेच सकता। मंडी में बेचा जाने वाला माल आढ़तियों के माध्यम से ही बिक पाता है, जिसमें पर्सेन्ट का कोई हिसाब ही नहीं है। मंडी आढ़तिया मनमानी कमीशन वसूलता है। अर्थात 10 रुपये किलो की कोई हरी सब्जी है तो आढ़तिया उसका कमीशन तीन से पांच रुपये तक ले सकता है। हालत यह है कि जिस किसान ने दिन-रात मेहनत करके अपन...