कानपुर, नवम्बर 7 -- Kanpur News: कानपुर। दीवाली पर पटाखों की रोशनी और आतिशबाजी का उत्साह कहीं आंखों के लिए मुसीबत न बन जाए। पटाखों से निकलने वाली चिंगारी, बारूद और धुएं के छोटे कण आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासकर बच्चों के लिए आतिशबाजी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में पटाखे जलाते समय सुरक्षा चश्मे का इस्तेमाल, बच्चों पर निगरानी और आंखों में कण जाने पर तुरंत प्राथमिक उपचार बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आंख में केमिकल जाने की स्थिति में आंखों और पलकों को कम से कम 30 मिनट तक साफ पानी से धोते रहें और तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। पटाखों से जलने या आंख में चोट लगने पर घरेलू उपचार के बजाय विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी दीपावली की खुशियों को सुरक्षित रख सकती है। यह भी पढ़ें- आंखें हैं सही सलाम...